रविवार, २२ ऑक्टोबर, २०१७

पाप आणि कालचक्र

एकदा गंगामैयाला विचारण्यात आले की
तुझ्या पाण्यात आंघोळ केली की सर्व पापे धुतली
जातात. त्या सर्व पापांचे तू काय करतेस?
           गंगामैया म्हणाली, मी ते पाणी समुद्रात नेऊन
टाकते.
          समुद्राला विचारण्यात आले की, तू त्या
पापांचे काय करतोस?
       समुद्र म्हणाला माझ्याकडून ते पाणी ढग
घेऊन जातात.
        ढगाला विचारले... तू काय करतोस त्या
पापांचे?
ढग म्हणाला, मी पावसाच्या स्वरूपात पुन्हा
पृथ्वीवरच त्या लोकांच्या लोकांच्या घरावर
नेऊन टाकतो.
लक्षात ठेवा, कालचक्र असेच आहे
तुम्ही जे करणार, तेच तुम्हाला परत मिळणार.

        म्हणूनच आपले कर्म आपल्या ताब्यात हवे
आणि हो ते चांगलेच हवे.
भगवंत जसे ठेवतील तसेच राहण्याचा प्रयत्न करावा.

समाधानी राहावे. लोकांना त्रास होणार नाही,
असे आपले वागणे असावे.

ठेविलें अनंते तैसेचि राहावे | चित्ती असू
द्यावे समाधान ||

हनुमंत खाडे

भगवंताचे समरण

आपल्या शरीराच्या अगदी लहान भागाला
जरी लागले, तरी आपल्या सबंध देहाला
त्याच्या वेदना होतात.
       त्याचप्रमाणे आपण दिवसाची एक जरी
घटिका भगवंताच्या स्मरणात घालविली
तरी सबंध दिवस आपल्याला त्याची आठवण राहील.
म्हणूनच प्रत्येक दिवस भगवंताचे स्मरण करण्याचा
नियम करावा व तो कटाक्षाने पाळावा.
       दिवसांचेच महिने होतात, महिन्यांचीच
वर्षे होतात आणि वर्षांचेच मिळून आपले आयुष्य
बनलेले असते.
        या दृष्टीने दर दिवशीच्या नियम पालनाने आपले सर्व आयुष्य भगवंताच्या स्मरणात जाईल
व आयुष्य कृतार्थ होईल...

पैसा बहोत कुछ हैं लेकीन सब कुछ नही

हाल ही मे तीन बुरी खबरों ने देश को हिला दिया......

1. 12000 करोड़ की रेमण्ड कम्पनी का मालिक आज बेटे की बेरुखी के कारण किराये के घर में रह रहा है।

2. अरबपति महिला मुम्बई के पॉश इलाके के अपने करोडो के फ्लैट में पूरी तरह गल कर कंकाल बन गयी...विदेश में बहुत बड़ी नौकरी करने करोड़पति बेटे को पता ही नहीं माँ कब मर गयी।

3. सपने सच कर आई ए एस का पद पाये बक्सर के क्लेक्टर ने तनाव के कारण आत्महत्या की।

...... ये तीन घटनाये बताती है जीवन में पद पैसा प्रतिष्ठा ये सब कुछ काम का नहीं.... यदि आपके जीवन में ख़ुशी संतुष्टी और अपने नहीं है तो कुछ भी मायने नही रखता ....

वरना एक क्लेक्टर को क्या जरुरत थी जो उसे आत्महत्या करना पड़ा।

..खुशियाँ पैसो से नहीं मिलती.. अपनों से मिलती है।

पैसा बहुत कुछ है, लेकिन सब कुछ नही है।

जीवनन आनंद के लिए है, चाहे जो हो, बस मुस्कुराते रहो !!​

यदि आप चिंतित हो, तो खुद को थोड़ा आराम दो,

कुछ आइसक्रीम, चॉकलेट, केक लो...

अंग्रेजी वर्ण हमें सिखाते हैं...

A B C....
​Avoid Boring Company​
​मायूस संगत से दूरी​

D E F...
​Don't Entertain Fools​
​मूर्खों पर समय व्यर्थ मत करो​

G H I....
​Go For High Ideas​
​ऊंचे विचार रखो​

J K L M....
​Just Keep a friend like Me​
​मेरे जैसा मित्र रखो​

N O P...
​Never Overlook the Poor n Suffering​
​गरीब व पीडित को कभी अनदेखा मत करो​

Q R S..
​Quit Reacting to Silly tales​
​मूर्खों को प्रतिक्रिया मत दो​

T U V....
​Tune Urself for ur Victory​
​खुद की जीत सुनिश्चित करो​

W X Y Z....
​We Xpect You to Zoom ahead in life​
​हम आपसे जीवन मे आगे देखने की आशा करते हैं !!​

यदि आपने चाँद को देखा, तो आपने ईश्वर की सुन्दरता देखी...

यदि आपने सूर्य को देखा, तो आपने ईश्वर का बल देखा...

​और यदि आपने आइना देखा तो आपने ईश्वर की सबसे सुंदर रचना देखी।​

​इसलिए स्वयं पर विश्वास रखो !!​

जीवन में हमारा उद्देश्य होना चाहिए...
​9 8 7 6 5 4 3 2 1 0​

9 - गिलास पानी,
8- घंटे नींद,
7- यात्रायें परिवार के साथ,
6- अंकों की आय,
5- दिन हफ्ते में काम,
4- चक्का वाहन,
3- बेडरूम वाला फ्लेट,
2- अच्छे बच्चे,
1- दिलबर,
0- चिंता..!!

​ये सिर्फ  विचार नहीँ,

एक सीख है!!​

हनुमंत खाडे

सुखी जीवन का रहस्य

एक राजा था जिसकी केवल एक टाँग और एक आँख थी।
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उस राज्य में सभी लोग खुशहाल थे क्यूंकि राजा बहुत बुद्धिमान और प्रतापी था।
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एक बार राजा के विचार आया कि क्यों खुद की एक तस्वीर बनवायी जाये।
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फिर क्या था, देश विदेशों से
चित्रकारों को बुलवाया गया
और एक से एक बड़े
चित्रकार राजा के दरबार
में आये।
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राजा ने उन सभी से हाथ
जोड़ कर आग्रह किया कि
वो उसकी एक बहुत सुन्दर
तस्वीर बनायें जो राजमहल
में लगायी जाएगी।
सारे चित्रकार सोचने लगे कि राजा तो पहले से ही विकलांग है, फिर उसकी तस्वीर को बहुत सुन्दर कैसे बनाया जा सकता है ?
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ये तो संभव ही नहीं है और अगरतस्वीर सुन्दर नहीं बनी तो राजा गुस्सा होकर दंड देगा।
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यही सोचकर सारे चित्रकारों ने राजा की तस्वीर बनाने से मना कर दिया।
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तभी पीछे से एक चित्रकार ने अपना हाथ खड़ा किया और बोला कि मैं आपकी बहुत सुन्दर तस्वीर बनाऊँगा जो आपको जरूर पसंद आएगी।
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फिर चित्रकार जल्दी से राजा की आज्ञा लेकर तस्वीर बनाने में जुट गया।
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काफी देर बाद उसने एक
तस्वीर तैयार की जिसे देखकर राजा बहुत प्रसन्न हुआ और सारे चित्रकारों ने अपने दातों तले उंगली दबा ली।
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उस चित्रकार ने एक ऐसी तस्वीर बनायीं जिसमें राजा एक टाँग को मोड़कर जमीन पे बैठा है और एक आँख बंद करके अपने शिकार पे निशाना लगा रहा है।
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राजा ये देखकर बहुत प्रसन्न
हुआ कि उस चित्रकार ने राजा की कमजोरियों को छिपाकर कितनी चतुराई से एक सुन्दर तस्वीर बनाई है।
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राजा ने उसे खूब इनाम
एवं धन दौलत दी।
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तो क्यों ना हम भी;
दूसरों की कमियों को छुपाएँ,
उन्हें नजरअंदाज करें और
अच्छाइयों पर ध्यान दें।
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आजकल देखा जाता है कि
लोग एक दूसरे की कमियाँ बहुत जल्दी ढूंढ लेते हैं चाहें हममें खुद में कितनी भी बुराइयाँ हों लेकिन हम हमेशा दूसरों की बुराइयों पर
ही ध्यान देते हैं कि अमुक आदमी ऐसा है, वो वैसा है।
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हमें नकारात्मक परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोचना
चाहिए और हमारी सकारात्मक सोच हमारी हर समस्यों को हल करती है।

हनुमंत खाडे